जादुई जूते
एक गांव में एक मिनी नाम की लड़की रहती थीं लेकिन मिनी अपहिच थीं वो चल फिर नहीं सकती थींमिनी की बहुत ईच्छा थीं के बाकी सभी बच्चों के साथ खेल सके लेकिन वो तो चल भी नहीं सकती थीं एक दिन मिनीउदास होकर एक बैंच पर
बैठी थीं वो अपने अपहिच होने पे रो रही थींफिर उसकी नज़र एक कबूतर पर पड़ी जो फड़ फड़ा रहा था क्योंकि उसकी चोंच पर रस्सी बंदी थीं मिनी ने उस बेचारे कबूतरको देखा और उसकी मदद करने को उसके लिए उठी और वो अपना संतुलन
नहीं बना बना और ओर वो गिर गईमिनी रेंगती हुई उस कबूतर के पास पहुँची उसने उस कबूतर की चोंच पर बांधी हुई रस्सी खोल दी और जैसे ही वो रस्सी खुली वो कबूतर आज़ाद हुआओर वो एक सुंदर सी परी में बदल गया परी बोली थैंक यू
मिनी तुम बहुत ही अच्छी हो और इसलिए मैं तुम्हें ये जादुई जूते देना चाहतीं हु जिससे तुम दौड़ सकोगी चल सकोगी और अपना हर सपना पूरा कर सकोगी इतना कहकर वो परी चली गई फिर मिनी ने वो जूते पहने और अपने पैरों पे खड़ी हो गई
और फिर मिनी अपने आप को चलता देख उससे अपनी आँखों पे यक़ीन नहींहो रहा था और फिर मिनी खुसी से नाचने लगी क्योंकि मिनी के सारे सपने पूरे हो चुके थे
शिक्षा : - तो बच्चों हमें इस कहानी से सीख मिलती हैं हमे औरो की मदद करना चाहिए
सोने का अंडा
एक बार एक किसान के हाथ एक ऐसी मुर्गी लगी जो रोज़ सोने का अंडा देती थी वो उससे बेचकर खूब धन इकट्ठा करता था और अपने परिबार के लिए नई नई बस्तुए लाता था धीरे धीरे वह गांव में सबसे अमीर आदमी हो गया था
नया घर बहुत सारे घोड़े बहुत सारे खेत गाय बैसों का अब वह मालिक हो गया था एक बार उसने सोचा मुर्गी रोज़ एक ही अंडा पैदा करती हैं
वह अपनी बीबी से बोला ना जाने उसके पेट में कितने अंडे है ये सुनकर उसकी बीबी बोली लेकिन उसने इतने सारे अंडे निकाले कैसे है
किसान बोला उसका पेट काट डालते हैं और सारे अंडे निकाल लेते हैं उसकी बीबी बोली हाँ यह ठीक रहेगा उन ने मिल के मुर्ग़े का पेट काट डाला बस मिलना क्या था जो रोज़ एक सोने का अंडा मिलता था उससे भी हाथ धो बैठे
शिक्षा : - तो बच्चो इसलिए कहते हैं लालच बुरी बला हैं
एक गांव में एक मिनी नाम की लड़की रहती थीं लेकिन मिनी अपहिच थीं वो चल फिर नहीं सकती थींमिनी की बहुत ईच्छा थीं के बाकी सभी बच्चों के साथ खेल सके लेकिन वो तो चल भी नहीं सकती थीं एक दिन मिनीउदास होकर एक बैंच पर
बैठी थीं वो अपने अपहिच होने पे रो रही थींफिर उसकी नज़र एक कबूतर पर पड़ी जो फड़ फड़ा रहा था क्योंकि उसकी चोंच पर रस्सी बंदी थीं मिनी ने उस बेचारे कबूतरको देखा और उसकी मदद करने को उसके लिए उठी और वो अपना संतुलन
नहीं बना बना और ओर वो गिर गईमिनी रेंगती हुई उस कबूतर के पास पहुँची उसने उस कबूतर की चोंच पर बांधी हुई रस्सी खोल दी और जैसे ही वो रस्सी खुली वो कबूतर आज़ाद हुआओर वो एक सुंदर सी परी में बदल गया परी बोली थैंक यू
मिनी तुम बहुत ही अच्छी हो और इसलिए मैं तुम्हें ये जादुई जूते देना चाहतीं हु जिससे तुम दौड़ सकोगी चल सकोगी और अपना हर सपना पूरा कर सकोगी इतना कहकर वो परी चली गई फिर मिनी ने वो जूते पहने और अपने पैरों पे खड़ी हो गई
और फिर मिनी अपने आप को चलता देख उससे अपनी आँखों पे यक़ीन नहींहो रहा था और फिर मिनी खुसी से नाचने लगी क्योंकि मिनी के सारे सपने पूरे हो चुके थे
शिक्षा : - तो बच्चों हमें इस कहानी से सीख मिलती हैं हमे औरो की मदद करना चाहिए
सोने का अंडा
एक बार एक किसान के हाथ एक ऐसी मुर्गी लगी जो रोज़ सोने का अंडा देती थी वो उससे बेचकर खूब धन इकट्ठा करता था और अपने परिबार के लिए नई नई बस्तुए लाता था धीरे धीरे वह गांव में सबसे अमीर आदमी हो गया था
नया घर बहुत सारे घोड़े बहुत सारे खेत गाय बैसों का अब वह मालिक हो गया था एक बार उसने सोचा मुर्गी रोज़ एक ही अंडा पैदा करती हैं
वह अपनी बीबी से बोला ना जाने उसके पेट में कितने अंडे है ये सुनकर उसकी बीबी बोली लेकिन उसने इतने सारे अंडे निकाले कैसे है
किसान बोला उसका पेट काट डालते हैं और सारे अंडे निकाल लेते हैं उसकी बीबी बोली हाँ यह ठीक रहेगा उन ने मिल के मुर्ग़े का पेट काट डाला बस मिलना क्या था जो रोज़ एक सोने का अंडा मिलता था उससे भी हाथ धो बैठे
शिक्षा : - तो बच्चो इसलिए कहते हैं लालच बुरी बला हैं
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