Thursday, 21 May 2020

Hindi Short story


समझदार भेड़िया

एक जंगल में एक समझदार और होशियार भेड़िया रहता था एक बार की बात जब वह जंगल में से गुज़र रहा था Hindi Short Stories With Moral 

अचानक से उससे एक मरा हुआ हाथी दिखाई दिया उसन भेड़िये ने अपने पंजो से उसकी चमड़ी उधेड़ने की कोसिस की लेकिन उसकी चमड़ी बहुत सख़्त थी उससे काटना या उधेड़ना 

उसके बस से बाहर की बात थी अचानक बहाँ एक बब्बर शेर बहाँ आ गया भेड़िया बोला महाराज मेरे मालिक मैं तो बस आपके लिए ही इसकी रखवाली कर रहा था के कब आप यहाँ आये और मैं 

आपको ये भेंट दे सकू किर्पया आप इससे मेरी तरफ से स्वीकार करे बब्बर शेर बोला धन्यवाद लेकिन तुम तो मेरा बियाभार जानते ही हो के मैं दूसरे दुआरा करे शिकार को स्वीकार नहीं

 करता मैं अपनी खुसी से तुम्हारी ये भेंट तुम्हें सौंपता हु और शेर अपने रास्ते हो लिया लेकिन अभी मुसीबत अभी खत्म कहा हुई थी अब एक साधारण शेर बहाँ आ गया भेड़िया

 बोला चाचा जी चाचा जी आप यहाँ मौत के मुंह में कहाँ आये हैं शेर बोला क्या मतलब भेड़िया बोला इससे बब्बर शेर ने मारा हैं और मुझे यहाँ इसकी रखवाली के लिए छोड़ दिया हैं 

जाते जाते मुझसे ये बोला हैं अगर कोई शेर यहाँ आये तो मुझे शुचित कर देना अब मैं सारे शेरो का खात्मा कर दूंगा इतना सुनते ही शेर के हवा सरक गई शेर ने कहा मेरे प्यारे भतीजे 

अब तो तुम ही मेरी मदद कर सकते हो अगर तुम मेरे बारे में राजा जी को नहीं बताओगे तो मैं बच जाऊँगा ये बोल के शेर बहा से चला गया उसके जाते ही बहाँ एक चीता बहाँ आ 

गया भेड़िये ने सोचा इसके दाँत बड़े नुकीले हैं क्यो ना हाथी की चमड़ी इसी से कटवा लू बस फिर क्या था बह बोला क्यू भांजे कहा रह इतने दिन बड़े समय से नज़र नहीं आये और क्या बात बड़े कमज़ोर और भूखे लग रहे हो देखो ये 

जी हाथी हैं इससे बब्बर शेर ने मारा हैं अगर तुम इसका मास खाना चाहते हों तो जल्दी से खा जाओ लेकिन जल्दी करना कही राजा जी ना आ जाये शेर बोला नहीं मामा जी मुझे लगता हैं मेरी सेहत के लिए ठीक नहीं लेकिन भेड़िये ने फिर एक चाल 

चली सुनो भांजे तुम इससे खाना शुरू करो जैसे ही मुझे दूर से बब्बर शेर आते दिखेगा मैं तुम्हें खबर दे दूंगा तो बस फिर क्या था चीता भेड़िये के झांसे में आ गया तो जैसे ही 

चीता ने हाथी की चमड़ी को उधेड़ा भेड़िया चिल्लाने लगा भांजे झट से फुट लो बब्बर शेर आ रहा हैं बस फिर क्या था चीता नौ दो गिरह हो गया इस तरह भेड़िये ने अपने खाने का 

लंबे समय का इतंजाम कर लिया शिक्षा : - अकलमंदी से मुस्किल से मुस्किल काम आसान किया जा सकता हैं Hindi Short story सोने का अंडा एक बार एक किसान के हाथ एक ऐसी मुर्गी लगी जो रोज़ सोने का अंडा देती थी वो उससे बेचकर 

खूब धन इकट्ठा करता था और अपने परिबार के लिए नई नई बस्तुए लाता था धीरे धीरे वह गांव में सबसे अमीर आदमी हो गया था नया घर बहुत सारे घोड़े बहुत सारे खेत गाय बैसों का अब वह मालिक हो गया था एक बार उसने सोचा मुर्गी रोज़ 

एक ही अंडा पैदा करती हैं वह अपनी बीबी से बोला ना जाने उसके पेट में कितने अंडे है ये सुनकर उसकी बीबी बोली लेकिन उसने इतने सारे अंडे निकाले कैसे है किसान 

बोला उसका पेट काट डालते हैं और सारे अंडे निकाल लेते हैं उसकी बीबी बोली हाँ यह ठीक रहेगा उन ने मिल के मुर्ग़े का पेट काट डाला बस मिलना क्या था जो रोज़ एक सोने 
का अंडा मिलता था उससे भी हाथ धो बैठे 

 शिक्षा : - तो बच्चो इसलिए कहते हैं लालच बुरी बला हैं

No comments:

Post a Comment

Panchatantra Short Stories With Moral For Kids

जादुई जूते  एक गांव में एक मिनी नाम की लड़की रहती थीं लेकिन मिनी अपहिच थीं वो चल फिर नहीं सकती थींमिनी की बहुत ईच्छा थीं के बाकी सभी बच्चो...