धोखेबाज भेड़िया
बहुत पहले की बात हैं एक भेड़िया Hindi Short Stories With Moral भोजन की तलाश में जंगल छोड़ शहर की ओर निकल पड़ा कुत्ते उसके पीछे पड़ गए कुत्तो ने उससे ख़ूब भगाया अपनी जान बचाने के लिए वह
एक दीवार से दूसरी ओर कूद गया वह घर किसी रंगसाज़ का था वह धड़ाम से एक नीले रंग के पानी के टब में आ गिरा वह रंग रंगसाज़ ने कपड़ो को नीला रंग देने के लिए पानी
में घोल रखा था सारी वह उस टब में पड़ा रहा सुबह वह टब से निकला वह पूरी तरह से भीगा हुआ था क्योकी कुत्ते बहाँ से लौट चुके थे उसने भी बापिस जंगल पहुचने में ख़ैर
अपनी मनाई जब वह एक दरिया के पास पहुचा तो हैरान रह गया क्यो की उसका रंग बिल्कुल नीला हो गया था उसने सोचा क्यू ना इसका फ़ायदा उठाया जाए उसने
जंगल के सभी जानवरो को इकट्टा किया ओर बोला मुझे तुम्हारे पास परमात्मा ने तुम्हारा राजा बनाकर भेजा हैं आज से तुम सब मेरे हुक्म को अपना फ़र्ज़ समझते हुए पूरा करना
होगा जिसने जरा सी भी उफ्फ करी मैं उससे जान से मार दूंगा सभी जानवर घबरा गए उसका रंग विचित्र था ना जाने परमात्मा ने इससे कितनी ताक़त देकर भेजा हैं उन सभी
ने यहाँ तक के शेर और चीता ने भी उससे अपना राजा मानने में ही भलाई समझी सभी उसकी आज्ञा मानने लगे लेकिन कहते हैं ना सौ दिन चोर के एक दिन साध का हुआ
यूं के एक दिन उसने बहुत से भेड़ियो की आवाज़ सुनी अ..........ऊ........अ....... ऊ...... वह अपनो आपको रोक ना पाया न और वह भी ऊंची आवाज़ से चिल्लाने लगा अ...... ऊ..... अ..... ऊ..
क्योकि पुरानी आदतें और बियाभार जल्दी कहा छूटते हैं जब शेर और चीता ने उसकी आवाज़ सुनी तो बो झट से समझ गए यह कोई परमात्मा का भेजा हुआ
राजा नहीं बल्कि धूर्त भेड़िया हैं शेर ने उस पर हमला कर दिया और बही उसका तमाम हो गया
शिक्षा : - धोका करने वाला एक ना एक दिन पकड़ा ही जाता हैं
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