Sunday, 24 May 2020

Panchatantra Short Stories With Moral For Kids

जादुई जूते 

एक गांव में एक मिनी नाम की लड़की रहती थीं लेकिन मिनी अपहिच थीं वो चल फिर नहीं सकती थींमिनी की बहुत ईच्छा थीं के बाकी सभी बच्चों के साथ खेल सके लेकिन वो तो चल भी नहीं सकती थीं एक दिन मिनीउदास होकर एक बैंच पर

 बैठी थीं वो अपने अपहिच होने पे रो रही थींफिर उसकी नज़र एक कबूतर पर पड़ी जो फड़ फड़ा रहा था क्योंकि उसकी चोंच पर रस्सी बंदी थीं मिनी ने उस बेचारे कबूतरको देखा और उसकी मदद करने को उसके लिए उठी और वो अपना संतुलन

 नहीं बना बना और ओर वो गिर गईमिनी रेंगती हुई उस कबूतर के पास पहुँची उसने उस कबूतर की चोंच पर बांधी हुई रस्सी खोल दी और जैसे ही वो रस्सी खुली वो कबूतर आज़ाद हुआओर वो एक सुंदर सी परी में बदल गया परी बोली थैंक यू

 मिनी तुम बहुत ही अच्छी हो और इसलिए मैं तुम्हें ये जादुई जूते देना चाहतीं हु जिससे तुम दौड़ सकोगी चल सकोगी और अपना हर सपना पूरा कर सकोगी इतना कहकर वो परी चली गई फिर मिनी ने वो जूते पहने और अपने पैरों पे खड़ी हो गई

 और फिर मिनी अपने आप को चलता देख उससे अपनी आँखों पे यक़ीन नहींहो रहा था और फिर मिनी खुसी से नाचने लगी क्योंकि मिनी के सारे सपने पूरे हो चुके थे

शिक्षा : - तो बच्चों हमें इस कहानी से सीख मिलती हैं हमे औरो की मदद करना चाहिए


सोने का अंडा 


एक बार एक किसान के हाथ एक ऐसी मुर्गी लगी जो रोज़ सोने का अंडा देती थी वो उससे बेचकर खूब धन इकट्ठा करता था और अपने परिबार के लिए नई नई बस्तुए लाता था धीरे धीरे वह गांव में सबसे अमीर आदमी हो गया था

 नया घर बहुत सारे घोड़े बहुत सारे खेत गाय बैसों का अब वह मालिक हो गया था एक बार उसने  सोचा मुर्गी रोज़ एक ही अंडा पैदा करती हैं

 वह अपनी बीबी से बोला ना जाने उसके पेट में कितने अंडे है ये सुनकर उसकी बीबी बोली लेकिन उसने इतने सारे अंडे निकाले कैसे है

 किसान बोला उसका पेट काट डालते हैं और सारे अंडे निकाल लेते हैं  उसकी बीबी बोली हाँ यह ठीक रहेगा उन  ने मिल के मुर्ग़े का पेट काट डाला बस मिलना क्या था जो रोज़ एक सोने का अंडा मिलता था उससे भी हाथ धो बैठे

शिक्षा : - तो बच्चो इसलिए कहते हैं लालच बुरी बला हैं

Thursday, 21 May 2020

In Hindi Story

In Hindi Story 

ख़रगोश और कछुआ

एक जंगल में एक ख़रगोश और और कछुआ रहता था ख़रगोश को घमंड था के बो कछुए से तेज़ दौड़ सकता हैं वो हमेशा कछुए की धीमी चाल को देखके खिल खिलाता रहता था एक दिन ख़रगोश

बोला क्यू कछुआ काका क्या तुम मेरे साथ दौड़ लगाओगे कछुआ बोला हां क्यो नहीं हम दोनों में जो जीतेगा उससे बढ़िया ईनाम 

मिलेगा अब इस दौड़ को देखने के लिए जंगल के सभी जानवर बड़ी उत्सुकता के साथ बहाँ पहुचे ख़रगोश बोला हम दोनों में से बो पहाड़ी पे पहले पहुचेगा उससे इनाम मिलगाकछुआ बोला ठीक हैं दौड़ शुरू 

ख़रगोश तेज़ दौड़ने लगा कछुआ धीरे धीरे चलने लगा ख़रगोश और तेज़ दौड़ने लगा कछुआ बही धीरे धीरे चलने लगा अब थोड़ी दूर चलने के बाद में ख़रगोश ने पीछे मुड़ कर देखा कछुआ दूर दुर कहीं

 पे भी नहीं दिखा ख़रगोश बोला ये कछुआ अभी नहीं आने वाला चलो अभी थोड़ी देर आराम कर लो अब ऐसे करते ख़रगोश की आंख लग गई कछुआ धीरे धीरे ख़रगोश के पास पहुचा और ख़रगोश को पार कर के चला गयातो बच्चों कुछ देर बाद ख़रगोश की आँख 

खुली वो तेज़ तेज़ दौड़ने लगा वहाँ पहुँच कर देखा कछुआ पहुँच चुका था फिर ख़रगोश हाथ जोड़ कर बोला दोस्त तुम्ही जीते मुझे माफ़ करो 

 शिक्षा : - इस कहानी से हमने सीखा कभी किसी को कमज़ोर नही समझना नहीं चाहिए

Hindi Short Stories With Moral Values For Class 8

कामचोर गधा

 एक गधा था जिसपे वयापारी बजन लाध कर मंडी बेचने ले जाता था मंडी जाने के Hindi Short Stories With Moral  लिए उससे एक छोटी सी नदी से गुजरना पड़ता था एक दिन वह जब नदी पार कर रहा था तब अचानक से गधे का पैर 

फिसल गया और वो नदी में गिर गया बियापारी ने गधे को उठाने में उसकी मदद के गधे के किस्मत अच्छी थी के उससे चोट न लगी 

नमक पानी मे गिर कर बह गया था तो गधे की पीठ हल्की हो गईं उसपर कोई बजन ना रहा बियापारी ने भी घर का रास्ता अपना लियाअब मंडी जाने का तो कोई फ़ायदा ही ना था गधे को भी मज़ा आ गया 

अगले दिन जब बियापारी बजन लाध कर मंडी ले जा रहा था तो गधा  जानबूझकर नदी में गिर गया उसकी पीठ का बजन फिर से हल्का हो फिर को भी उसकी मक्कारी समझ में आ गईअगले दिन गधे की

 पीठ पर एक बहुत बड़ा रुई का गट्ठर लाधा और मंडी की ओर चल पड़ा अरे गधा तो गधा ही था ना नदी आंते ही उसने फिर बही चाल चली अरे बच्चों ये क्या रुई के गट्ठर में तो 

पानी भर गया गधे पर लधा भोज कई गुना बड़ गयाअब तो उससे चलना भी मुस्किल लग रहा थाजब गधा ना चल पाया तो बियापारी ने उसकी 

डंडे सेउसकी ख़ूब पिटाई की फिर कभी गधे ने पानी में गिरने की कोशिश नहीं की तो बच्चों हमने इस कहानी से क्या सीखा ?

 शिक्षा : - हमें अपना काम पूरीईमानदारी से करना चाहिए

Moral Stories in Hindi for kids

सांप की खाल

 इसकेली नाम का एक जंगल मे सांप रहता था Moral Stories In Hindi For वो बहुत शरारती था वो अपने पापा के साथ रहता था इसकेली बस बहुत खेल लिए चलो जल्दी आ जाओ ठीक हैं पापा एक दिन वो बहुत बेचैन होने

 लगा तुम इतने बेचैन क्यो हो बेटा इसकेली बोला पता नहीं पापा मेरे शरीर मे बहुत खुजली हो रहीं हैं इसकेली तुम साफ़ सफ़ाई तो रखते हों ना इसकेली बोला हां पापा

 मैं दिन में दो बार मिट्टी रगड़ ता हु अगले दिन इसकेली की बेचैनी और बढ़ गई वो अपने पापा से बोला पापा कुछ समझ नहीं आ रहा हैं मुझे समझ आ रहा हैं अब तुम

 बड़े हो रहे हो इसकेली बोला अब ये सहन नहीं हो रहा हैं तब एक दिन बहुत अज़ीब घटना हुई पापा पापा ये देखों क्या हो रहा हैं अब ये दर्द और बड़ रहा हैं ये देखो गले पे

 ये देख कर इसकेली के पापा कुछ ना बोले इसकेली बोला मेरा दर्द बड़ रहा हैं आपको बिल्कुल चिंता नही हो रहीं इसकेली के पापा बोले वो देखो वो पत्तर दिख रहा हैं अपनी 

गर्दन को बहाँ जाके रगड़ो इसकेली बोला क्या फिर उसके पापा बोले जैसा कहता हूं वैसा करो इसकेली बोला आप ऐसा करने के लिए क्यों कह रहे हैं

 जिससे के दर्द और होगा इसकेली बेटा जैसा जैसा कह रहा हु वेसा करो अभी जाओ इसकेली ने अपना शरीर उस पत्तर से रगड़ा तो और इसकेली ठीक हो गया ये देख कर 

इसकेली बोला मैं अब ठीक हो गया पापा बिल्कुल नए सांप जैसा हो गया इसकेली के पापा बोले बेटे ऐसा ही होता हैं जब हम सांप बड़े होते हैं तो ये सब प्रक्रिया हैं हम साँपो 

की बड़े होने की हम अपनी पुरानी चमड़ी से ढके होते हैं इस दर्द को सहन कर के कीटाणुओं से

 भरी चमड़ी छोड़ कर नई चमड़ी में आ जाते हैं चलो अब समझें अब तुम बिल्कुल नए साँप लग रहे हो इसकेली बोला हैं पापा अब मैं समझ गया मैं दोस्तों को जाके नई चमड़ी दिखाऊँगा....

 शिक्षा ; - तो समझे बच्चों संघर्ष हमेशा कुछ नया लेकर आत हैं

Hindi Short Stories With Moral


धोखेबाज भेड़िया

 बहुत पहले की बात हैं एक भेड़िया  Hindi Short Stories With Moral भोजन की तलाश में जंगल छोड़ शहर की ओर निकल पड़ा कुत्ते उसके पीछे पड़ गए कुत्तो ने उससे ख़ूब भगाया अपनी जान बचाने के लिए वह 

एक दीवार से दूसरी ओर कूद गया वह घर किसी रंगसाज़ का था वह धड़ाम से एक नीले रंग के पानी के टब में आ गिरा वह रंग रंगसाज़ ने कपड़ो को नीला रंग देने के लिए पानी 

में घोल रखा था सारी वह उस टब में पड़ा रहा सुबह वह टब से निकला वह पूरी तरह से भीगा हुआ था क्योकी कुत्ते बहाँ से लौट चुके थे उसने भी बापिस जंगल पहुचने में ख़ैर

 अपनी मनाई जब वह एक दरिया के पास पहुचा तो हैरान रह गया क्यो की उसका रंग बिल्कुल नीला हो गया था उसने सोचा क्यू ना इसका फ़ायदा उठाया जाए उसने 

जंगल के सभी जानवरो को इकट्टा किया ओर बोला मुझे तुम्हारे पास परमात्मा ने तुम्हारा राजा बनाकर भेजा हैं आज से तुम सब मेरे हुक्म को अपना फ़र्ज़ समझते हुए पूरा करना

 होगा जिसने जरा सी भी उफ्फ करी मैं उससे जान से मार दूंगा सभी जानवर घबरा गए उसका रंग विचित्र था ना जाने परमात्मा ने इससे कितनी ताक़त देकर भेजा हैं उन सभी 

ने यहाँ तक के शेर और चीता ने भी उससे अपना राजा मानने में ही भलाई समझी सभी उसकी आज्ञा मानने लगे लेकिन कहते हैं ना सौ दिन चोर के एक दिन साध का हुआ 

 यूं के एक दिन उसने बहुत से भेड़ियो की आवाज़ सुनी अ..........ऊ........अ....... ऊ...... वह अपनो आपको रोक ना पाया न और वह भी ऊंची आवाज़ से चिल्लाने लगा अ...... ऊ..... अ..... ऊ..

 क्योकि पुरानी आदतें और बियाभार जल्दी कहा छूटते हैं जब शेर और चीता ने उसकी आवाज़ सुनी तो बो झट से समझ गए यह कोई परमात्मा का भेजा हुआ

 राजा नहीं बल्कि धूर्त भेड़िया हैं शेर ने उस पर हमला कर दिया और बही उसका तमाम हो गया

 शिक्षा : - धोका करने वाला एक ना एक दिन पकड़ा ही जाता हैं

Hindi Short story


समझदार भेड़िया

एक जंगल में एक समझदार और होशियार भेड़िया रहता था एक बार की बात जब वह जंगल में से गुज़र रहा था Hindi Short Stories With Moral 

अचानक से उससे एक मरा हुआ हाथी दिखाई दिया उसन भेड़िये ने अपने पंजो से उसकी चमड़ी उधेड़ने की कोसिस की लेकिन उसकी चमड़ी बहुत सख़्त थी उससे काटना या उधेड़ना 

उसके बस से बाहर की बात थी अचानक बहाँ एक बब्बर शेर बहाँ आ गया भेड़िया बोला महाराज मेरे मालिक मैं तो बस आपके लिए ही इसकी रखवाली कर रहा था के कब आप यहाँ आये और मैं 

आपको ये भेंट दे सकू किर्पया आप इससे मेरी तरफ से स्वीकार करे बब्बर शेर बोला धन्यवाद लेकिन तुम तो मेरा बियाभार जानते ही हो के मैं दूसरे दुआरा करे शिकार को स्वीकार नहीं

 करता मैं अपनी खुसी से तुम्हारी ये भेंट तुम्हें सौंपता हु और शेर अपने रास्ते हो लिया लेकिन अभी मुसीबत अभी खत्म कहा हुई थी अब एक साधारण शेर बहाँ आ गया भेड़िया

 बोला चाचा जी चाचा जी आप यहाँ मौत के मुंह में कहाँ आये हैं शेर बोला क्या मतलब भेड़िया बोला इससे बब्बर शेर ने मारा हैं और मुझे यहाँ इसकी रखवाली के लिए छोड़ दिया हैं 

जाते जाते मुझसे ये बोला हैं अगर कोई शेर यहाँ आये तो मुझे शुचित कर देना अब मैं सारे शेरो का खात्मा कर दूंगा इतना सुनते ही शेर के हवा सरक गई शेर ने कहा मेरे प्यारे भतीजे 

अब तो तुम ही मेरी मदद कर सकते हो अगर तुम मेरे बारे में राजा जी को नहीं बताओगे तो मैं बच जाऊँगा ये बोल के शेर बहा से चला गया उसके जाते ही बहाँ एक चीता बहाँ आ 

गया भेड़िये ने सोचा इसके दाँत बड़े नुकीले हैं क्यो ना हाथी की चमड़ी इसी से कटवा लू बस फिर क्या था बह बोला क्यू भांजे कहा रह इतने दिन बड़े समय से नज़र नहीं आये और क्या बात बड़े कमज़ोर और भूखे लग रहे हो देखो ये 

जी हाथी हैं इससे बब्बर शेर ने मारा हैं अगर तुम इसका मास खाना चाहते हों तो जल्दी से खा जाओ लेकिन जल्दी करना कही राजा जी ना आ जाये शेर बोला नहीं मामा जी मुझे लगता हैं मेरी सेहत के लिए ठीक नहीं लेकिन भेड़िये ने फिर एक चाल 

चली सुनो भांजे तुम इससे खाना शुरू करो जैसे ही मुझे दूर से बब्बर शेर आते दिखेगा मैं तुम्हें खबर दे दूंगा तो बस फिर क्या था चीता भेड़िये के झांसे में आ गया तो जैसे ही 

चीता ने हाथी की चमड़ी को उधेड़ा भेड़िया चिल्लाने लगा भांजे झट से फुट लो बब्बर शेर आ रहा हैं बस फिर क्या था चीता नौ दो गिरह हो गया इस तरह भेड़िये ने अपने खाने का 

लंबे समय का इतंजाम कर लिया शिक्षा : - अकलमंदी से मुस्किल से मुस्किल काम आसान किया जा सकता हैं Hindi Short story सोने का अंडा एक बार एक किसान के हाथ एक ऐसी मुर्गी लगी जो रोज़ सोने का अंडा देती थी वो उससे बेचकर 

खूब धन इकट्ठा करता था और अपने परिबार के लिए नई नई बस्तुए लाता था धीरे धीरे वह गांव में सबसे अमीर आदमी हो गया था नया घर बहुत सारे घोड़े बहुत सारे खेत गाय बैसों का अब वह मालिक हो गया था एक बार उसने सोचा मुर्गी रोज़ 

एक ही अंडा पैदा करती हैं वह अपनी बीबी से बोला ना जाने उसके पेट में कितने अंडे है ये सुनकर उसकी बीबी बोली लेकिन उसने इतने सारे अंडे निकाले कैसे है किसान 

बोला उसका पेट काट डालते हैं और सारे अंडे निकाल लेते हैं उसकी बीबी बोली हाँ यह ठीक रहेगा उन ने मिल के मुर्ग़े का पेट काट डाला बस मिलना क्या था जो रोज़ एक सोने 
का अंडा मिलता था उससे भी हाथ धो बैठे 

 शिक्षा : - तो बच्चो इसलिए कहते हैं लालच बुरी बला हैं

Panchatantra Short Stories With Moral For Kids

जादुई जूते  एक गांव में एक मिनी नाम की लड़की रहती थीं लेकिन मिनी अपहिच थीं वो चल फिर नहीं सकती थींमिनी की बहुत ईच्छा थीं के बाकी सभी बच्चो...